ईंट लावुं छुं भींत बाधशुं ने ?

ईंट लावुं छुं, भींत बाधशुं ने ?
बीजो लावुं छु, बगीचो करशुं ने ?

संख्या छे, तो संप करशुं ने ?
दुश्मन छे, तेने हरावी देशुं ने ?

मुद्दो कहुं छु , गीतो लखशुं ने ?
गीता तो छे, तो ते गाशुं ने ?

धर्म जाणीने धर्मी बनशुं ने ?
द्रौपदीओ तो छे, तो अर्जुन बनशुं ने ?

गांधी जे न करी शक्यो ते सरदार थई करशुं ने ?
एक नरेंद्र छे, तो हजार नरेन्द्रो करशुं ने ?

लांच मागे तेने लात देशुं ने ?
गन लावुं छुं , गोळीओ छोडशुं ने ?

असुरो छे, तेने फूंकी देशुं ने ?
जेणे लाज लिधी, तेनी जान लेशुं ने ?

देश आपणो छे, तो रक्षण करशुं ने ?
मन्दीर तोडे तेना मोढां तोडशुं ने ?

रामदेव छे तो रामभक्त बनशुं ने ?
संप-मतना एक झटाके रामराज करशुं ने ?

स्वीसमांथी देशी पैसा देशमां तो लावशुं ने ?
खोटा छापां बंध करी सत्य समाचार देशुं ने ?

दाळ चोखा छे, तो कांकरा काढशुं ने ?
भारत वेदिक देशमांथी कुरान बाईबल काढशुं ने ?

वेद विश्वनो छे, तो धर्म रक्षण करशुं ने ?
असुरोनो नाश करी हरि कीर्तन करशुं ने ?

– Suresh Vyas

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