उम्मीद की डोर …!!!!

palak-lamhay

एक अनचाहा अजनबी सा मोड़
उन पुराणी पहचानी रह-गुजर पे …

एक गहरा अनजाना सा मुखौटा
उन बरसों से जाने पहचाने
धूंदले होते चेहरों पे …

एक अनजबी सी चुभन
सुनाई देती सिसकियाँ
किसी टूटे दिल की …

ये तुम्हारा उमर लंबा इंतज़ार
सांसो का ये शोर
दिल में जगी ख्वाहिशे
सब है उम्मीद की उस एक डोर से ….

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