एक ख्वाब

Hindi Poems

आ असमान से नीद का सौदा करे, एक ख्वाब दे एक ख्वाब ले… एक ख्वाब जो आखों मैं है , आ उसको पुरा करे …. शर्म को तेरी आगोश मैं पिघलने भी दे … बोलके हल्के हल्के कानो मैं मेरे सांसों को उलझा दे मेरी सांसों से दो लफ्ज़ थे ..एक बात थी.. उमर लगी तेरी खामोशियों को बोलने मैं … सौ साल का वो एक पल था .. उस पल मैं पुरी सदियाँ बिता दें …. आ असमान का चाँद से सौदा करे रोशनी से भर दे अपना जहाँ …. पलक …..

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