एक सपना

एक सपना फिसल गया हाथों से कहके … “अलविदा”

देखा था जिसे बड़े प्यार से…
संजोया जिसे बड़ी चाहत से…
उम्मीदों का साथी सुहाना
उमंगों का था वोह सहारा
अब न रहा वोह सपना
न रहा वोह प्यारा अफसाना
बिखर के रह गई खुशिया
दिल भी दर्द से लगा तड़प ने

बदल गया सारा आलम तबसे
जबसे…

एक सपना फिसल गया हाथों से.. कहके … “अलविदा”

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