एक सपना ..!!

Hindi Poems

बालों में उलझती, खुद उलजाती …. तेरे चेहरे पे सरसराती …. मेरी उंगलिया होठों पर रुक जातीं …. कान मॆ धीमे से गुनगुनातीं ….. अधखुली अधजगी आखॊ में ….. अनगिनत सपने लिए ….. तेरे बदन की खुशबू को …. अपनी रूह में बसाती ….. कुछ सिमट-सिकुड कर ….. तेरी बाहॊ में टूट जाती …. काश ऐसा हो पाता …. तू मेरा और मैं तेरी हो पाती …. पलक ….

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