कुछ लिखना चाहता हूँ

कुछ लिखना चाहता हूँ
कुछ लिखना चाहता हूँ
कुछ लिखना चाहता हूँ

सोचता हूँ क्या लिखूं ?

 

फूलों की वोह महकती खुशबू बारिश का वोह बहेता पानी और हवा में थी जो रवानी क्या उस मौसम का खुमार लिखूं?

कुछ लिखना चाहता हूँ सोचता हूँ क्या लिखूं?

 

थी चेहरे पर उनके मासूमियत आंखों में थी थोडी शरारत और बातो में वोह नजाकत क्या उनका रंगीन मिजाज लिखूं ?

कुछ लिखना चाहता हूँ सोचता हूँ क्या लिखूं ?

 

उनका आकर मुस्कुराना जो रूठ जाओं तो मानना जाते जाते फिर रुलाना क्या उनका यह अंदाज़ लिखूं ?

कुछ लिखना चाहता हूँ सोचता हूँ क्या लिखूं ?

 

यादूं में उनके अश्क बहाना हेर शाम एक दिया जलना सोई उम्मीद को रोज़ जगाना क्या उनका यह इंतज़ार लिखूं ?

कुछ लिखना चाहता हूँ सोचता हूँ क्या लिखूं ?

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