खामोशियाँ ..!

जज़्बात जितने भी हैं दिल में… मेरे ही जैसे हैं वोह बे-जुबान…

जो तुम से मैं कह ना पाई … कहती हैं वोह मेरी खामोशियाँ …

पलक PG


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