खामोशी

वो आज फ़िर हम से मिला, वो आज फ़िर चला गया ,
न हमसे कुछ कहते बना , न उसी से कुछ कहा गया..

शरमाया सा – घबराया सा , वो सामने बैठे रहा,
हम लबो को हिला कर रह गए , वो इस कदर हमें हिला सा गया ,

उसे आस ये की हम कुछ कहे, हमें इंतज़ार ये की वो कुछ कहे,
वो खामोशी मैं बोलता गया, हम खामोशी को सुन ना पाए ,

होसला किया भी था की बढ़ कर हाथ थाम ले ,
हम दिल ही थामे रह गए , वो नजर यु मिला गया ,

बेताब सारी हसरते तड़प – तड़प के रह गई ,
हम मुस्कुरा के रह गए , वो मुस्कुरा कर चला गया ….

PALAK

वो आज फ़िर हम से मिला, वो आज फ़िर चला गया ,
न हमसे कुछ कहते बना , न उसी से कुछ कहा गया..

शरमाया सा – घबराया सा , वो सामने बैठे रहा,
हम लबो को हिला कर रह गए , वो इस कदर हमें हिला सा गया ,

उसे आस ये की हम कुछ कहे, हमें इंतज़ार ये की वो कुछ कहे,
वो खामोशी मैं बोलता गया, हम खामोशी को सुन ना पाए ,

होसला किया भी था की बढ़ कर हाथ थाम ले ,
हम दिल ही थामे रह गए , वो नजर यु मिला गया ,

बेताब सारी हसरते तड़प – तड़प के रह गई ,
हम मुस्कुरा के रह गए , वो मुस्कुरा कर चला गया ….

PALAK