ज़िन्दगी

Hindi Poems

आज मीठी धूप को अंगना से , नज़र झुकाए गुजरते देखा.. अलसाये मौसम की आँखों में , बेशुमार इश्क उमडते देखा.. पीले फूलों की क्यारियों को , प्रेम गीत, गुनगुनाते सुना.. भंवरा बेचारा भर रहा आहे,

शायद वो अकेला पड़ा …. उदासी के आलम में भि… हमने ज़िन्दगी को आज , नए रंग में पसरते देखा…… Palak

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