प्यार

मौसम को ज़रा करदो ईशारा

आज न हमें और बहेकाएं

खामोशी को सुने हम दोनों
और प्यार को महसूस करे

बुने कोई ख्वाब नया
और गीत कोई गुनगुनाए

हाथों मे ले के हाथ तेरा,
क़समें चलो खाये

भरलूँ तुम्हें बाहों मे
और वक्त गुज़र जाए

मौसम को ज़रा करदो ईशारा
आज न हमें और बहेकाएं…

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