मगर कभी कभी …..

Hindi Poems

तू हर दिल मैं है उनकी आरजू बन कर

काश तू बनाये मुजे अपनी आरजू कभी कभी तू लगती है फूलो मैं घुली ख्श्बू की तरह काश मेरे खयालों से तू नहाये कभी कभी तू क्या है …..! तू कौन है ……! ऐ दूर के सनम …….! बताया करुगा तुजे कभी कभी मेरी जिन्दगी खुदा की नही तेरी है नेय्मत ये कहने का गुनाह भी करुगा मगर कभी कभी ……….पलक ……

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