यादें …

palak-khwahish

यादें … हकीकत से हसीं होती है ,
ये जो तेरे खयालो से सजी होती हैं ,
कभी तुम ख़ुद को मेरी नजर से देखो ,
मेरी हस्ती, मेरा एतबार.. सब तुज से ही तो है ,
तू जो आता है.. चला जाता हैं, याद आता है ..
ये जिन्दगी ..तुज पे सदके जीना सिखा दिया…
वरना कुछ और गुजर जाती ख़ुद से बेखबर …
जो तेरे साथ न गुजरा होता ….

पलक

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