यादे…

Hindi Poems

कुछ नम लम्हों की मुस्कुराती यादे उन खामोश लम्हों की बोलती यादे  

दिन मैं तेरे नूर से रोशन यादे शाम की लाली से बुजी बुजी वो यादे  

वो समंदर की गेली रेत पैर संग तेरे चलना अज सागर की लहर ने मिटा ली वो यादे  

बरसात की बूंदों मैं हमारा यु गुम होना वही बूंदें आज असू बन कर आती है यादों मैं  

तेरे संग रातों मैं चाँद को ताकते रहना बिखर कर अब तो तारे हो गई वो यादे  

जिस सफर मैं दो पल का हम सफर था वो उस राह पैर खड़ी अकेली वो यादे  

जिस को एक पल के लिए ना भूल सके हम उन के लिए बस बुन कर रह गई वो यादे ….

…पलक…

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