सपना …!!!!!!!

sapnaहर बार उँगलियों को छू के ; हाथ से फिसलता सपना;

पास आके कोसो दूर निकल जाने वाला सपना; उम्मीद की हर डोर हर बीते दिन पे कमजोर बनने वाला सपना;

 

फिर भी हर नए दौर में नई रोशनी देता सपना ..

इन आखों में सजता ये सपना; जिंदगी को नया रूप रंग देता, जीने के लिए एक मकसद देता, फिर से टूटने के लिए उभरता एक और नया सपना !!

 

 

पलक

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