सिर्फ़् तेरे लिये ये जीवन…


वो तेरा इश्क़् ..
तेरे वादे ….
वो पेहली  मुलाक़ात् ….
वो धडकता  हुअा  तेरा दिल्…
वो तेरा स्पर्श …
वो बिस्तर कि सिलवटे ….
वो जाते वक़्त् मेरे  आसू ..
और ..तेरा वो बेबस सा चेहरा ..
वॊ छुटते  हुए हमारे हाथ …
और फ़िर् एक सदी सी लम्बी  जुदाई …
अचानक …
सब खत्म ….
यही तो ना था अन्जाम – ऎ  – महोब्बत….


PG 





Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *