आप कहे तो हसरते बयां कर दू
आप बैठे रहे और मै ग़ज़ल पुरी कर लू
आप का साथ मिले तो ख़ुद पर एतबार कर लू
खामोशियाँ आबाद रहे , नजरों को जुबान दे दू ,
जींदगी लम्हा लम्हा दर्द सही
अब यादों के सहारे सफर खुसनुवार कर दू
चाँद तारों तो क्या दमन मैं कायनात भर लू
आप के वादे पर ये उमर तमाम कर लू
गुल खिले अ खिले अब ख्वाबों से निकाह कर लू
आप का साथ हो तो ये मंजिले रेहुजर कर लू…..


पलक

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