પલક….

પલક ઝપકી, ‘ને એક પ્રકાશ રેલાયો વીશ્વમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને બ્રહ્માંડ રચાયું ઘોર અન્ધકારમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને જીવાંકુર ફુટ્યું આ ધરણીમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને જીવન મહેંક્યું અફાટ સંસારમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને બે જીવ મળ્યાં અણદીઠેથી.
પલક ઝપકી, ‘ને બે આત્મા એક થયાં તૃપ્તીથી.
પલક ઝપકી, ‘ને એક શ્વાસ વધ્યો જીન્દગીમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને સ્નેહતણો રણકાર થયો દીલમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને રસહીન થયો આ સંસાર.
પલક ઝપકી, ‘ને પ્રભુમીલન થયું જે નથી અસાર।

Palak

પલક ઝપકી, ‘ને એક પ્રકાશ રેલાયો વીશ્વમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને બ્રહ્માંડ રચાયું ઘોર અન્ધકારમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને જીવાંકુર ફુટ્યું આ ધરણીમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને જીવન મહેંક્યું અફાટ સંસારમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને બે જીવ મળ્યાં અણદીઠેથી.
પલક ઝપકી, ‘ને બે આત્મા એક થયાં તૃપ્તીથી.
પલક ઝપકી, ‘ને એક શ્વાસ વધ્યો જીન્દગીમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને સ્નેહતણો રણકાર થયો દીલમાં.
પલક ઝપકી, ‘ને રસહીન થયો આ સંસાર.
પલક ઝપકી, ‘ને પ્રભુમીલન થયું જે નથી અસાર।

Palak

Strength of a Man ….!!!!

man

Strength of a Man

The strength of a man isn’t seen in the width of his shoulders.
It is seen in the width of his arms that encircle you.
The strength of a man isn’t in the deep tone of his voice.
It is in the gentle words he whispers.
The strength of a man isn’t how many buddies he has.
It is how good a buddy he is with his kids.
The strength of a man isn’t in how respected he is at work.
It is in how respected he is at home.
The strength of a man isn’t in how hard he hits..
It is in how tender he touches.
The strength of a man isn’t how many women he’s Loved by.
It is in can he be true to one woman.
The strength of a man isn’t in the weight he can lift.
It is in the burdens he can understand and overcome.

beauty

Beauty of a Woman

The beauty of a woman
Is not in the clothes she wears,
The figure she carries,
Or the way she combs her hair.
The beauty of a woman
Must be seen from her eyes,
Because that is the doorway to her heart,
The place where love resides.
The beauty of a woman
Is not in a facial mole,
But true beauty in a woman
Is reflected in her soul.
It is the caring that she lovingly gives,
The passion that she shows,
The beauty of a woman
With passing years-only grows
.
woman

Lucky is the man who is the first love of a woman,
but luckier is the woman who is the last love of a man

Luv Happens Only Once….
Rest Is Just Life…

this is one of the best post from my dearest friend . thanks for this post …. PALAK…

man

Strength of a Man

The strength of a man isn’t seen in the width of his shoulders.
It is seen in the width of his arms that encircle you.
The strength of a man isn’t in the deep tone of his voice.
It is in the gentle words he whispers.
The strength of a man isn’t how many buddies he has.
It is how good a buddy he is with his kids.
The strength of a man isn’t in how respected he is at work.
It is in how respected he is at home.
The strength of a man isn’t in how hard he hits..
It is in how tender he touches.
The strength of a man isn’t how many women he’s Loved by.
It is in can he be true to one woman.
The strength of a man isn’t in the weight he can lift.
It is in the burdens he can understand and overcome.

beauty

Beauty of a Woman

The beauty of a woman
Is not in the clothes she wears,
The figure she carries,
Or the way she combs her hair.
The beauty of a woman
Must be seen from her eyes,
Because that is the doorway to her heart,
The place where love resides.
The beauty of a woman
Is not in a facial mole,
But true beauty in a woman
Is reflected in her soul.
It is the caring that she lovingly gives,
The passion that she shows,
The beauty of a woman
With passing years-only grows
.
woman

Lucky is the man who is the first love of a woman,
but luckier is the woman who is the last love of a man

Luv Happens Only Once….
Rest Is Just Life…

this is one of the best post from my dearest friend . thanks for this post …. PALAK…

अब सोचती हु के तेरा नाम ले लू …

मैं सर पर महोब्बत का इल्जाम ले लू
इजाजत अगर हो तेरा नाम ले लू

मेरी जिन्दगी बेमजा हो गई है
दो एक पल तो तेरी बात कह लू

मेरी शामे बेहाल तनहाइयों से
कहो तो तुम्हारी कोई शाम उधार ले लू

मैं बदनामियों से डरती रही हु
अब सोचती हु के तेरा नाम ले लू …

पलक

मैं सर पर महोब्बत का इल्जाम ले लू
इजाजत अगर हो तेरा नाम ले लू

मेरी जिन्दगी बेमजा हो गई है
दो एक पल तो तेरी बात कह लू

मेरी शामे बेहाल तनहाइयों से
कहो तो तुम्हारी कोई शाम उधार ले लू

मैं बदनामियों से डरती रही हु
अब सोचती हु के तेरा नाम ले लू …

पलक

मेरे नाम पर मरती थी ….

कभी शर्मा के , कभी मुस्का के , आचल को सवारा करती थी ,
कभी हम पे क़यामत मरती थी, कभी हम क़यामत पे मरते थे ,

चलते चलते रुक जन, कुर्ती की सलवटों को सुल्जाना ,
भोली सूरत वाली वो ऐसे ही नज़ारा करती थी ,

मिलते ही नजर मुस्का देना और पलकों को जपका देना ,
मस्त निगाहों से अक्सर वो उही इशारा करती थी ,

जब घर से न आना होता था उस का .
तब देर तलक छत पर वो जुल्फ सवार करती थी

लोगों के सौ सौ ताने और बदनामी के अफसाने ,
मेरी खातिर न जाने वो क्या क्या गवारा करती थी….

थी वो मेरी बस मेरे नाम पर मरती थी ….
पलक …..

कभी शर्मा के , कभी मुस्का के , आचल को सवारा करती थी ,
कभी हम पे क़यामत मरती थी, कभी हम क़यामत पे मरते थे ,

चलते चलते रुक जन, कुर्ती की सलवटों को सुल्जाना ,
भोली सूरत वाली वो ऐसे ही नज़ारा करती थी ,

मिलते ही नजर मुस्का देना और पलकों को जपका देना ,
मस्त निगाहों से अक्सर वो उही इशारा करती थी ,

जब घर से न आना होता था उस का .
तब देर तलक छत पर वो जुल्फ सवार करती थी

लोगों के सौ सौ ताने और बदनामी के अफसाने ,
मेरी खातिर न जाने वो क्या क्या गवारा करती थी….

थी वो मेरी बस मेरे नाम पर मरती थी ….
पलक …..

अजनबी आखों से छलका है प्यार पहली दफा

अजनबी आखों से छलका है प्यार पहली दफा
एक उम्मीद जगी है की अब मिलेगी वफ़ा
मैंने रातो मई गिराएँ है जो असू अक्सर
उसी शबनम से खिल उठी है आज मेरी सबा
सब ने मातम ही मनाये है मेरे जीने पर
वो दुआ मागेगी मेरे लिए क्यों ऐसे लगा.?
मेरी हर बात का दुनिया मलाल करती है
मेरा हर रंज उठाएगी वो ना होगी खफा
बस यही जरा सा सताए खोफ है मुझे
कही औरो की तरह वो भी ना दे जाए दगा मुझे …

पलक

अजनबी आखों से छलका है प्यार पहली दफा
एक उम्मीद जगी है की अब मिलेगी वफ़ा
मैंने रातो मई गिराएँ है जो असू अक्सर
उसी शबनम से खिल उठी है आज मेरी सबा
सब ने मातम ही मनाये है मेरे जीने पर
वो दुआ मागेगी मेरे लिए क्यों ऐसे लगा.?
मेरी हर बात का दुनिया मलाल करती है
मेरा हर रंज उठाएगी वो ना होगी खफा
बस यही जरा सा सताए खोफ है मुझे
कही औरो की तरह वो भी ना दे जाए दगा मुझे …

पलक

खामोशी

वो आज फ़िर हम से मिला, वो आज फ़िर चला गया ,
न हमसे कुछ कहते बना , न उसी से कुछ कहा गया..

शरमाया सा – घबराया सा , वो सामने बैठे रहा,
हम लबो को हिला कर रह गए , वो इस कदर हमें हिला सा गया ,

उसे आस ये की हम कुछ कहे, हमें इंतज़ार ये की वो कुछ कहे,
वो खामोशी मैं बोलता गया, हम खामोशी को सुन ना पाए ,

होसला किया भी था की बढ़ कर हाथ थाम ले ,
हम दिल ही थामे रह गए , वो नजर यु मिला गया ,

बेताब सारी हसरते तड़प – तड़प के रह गई ,
हम मुस्कुरा के रह गए , वो मुस्कुरा कर चला गया ….

PALAK

वो आज फ़िर हम से मिला, वो आज फ़िर चला गया ,
न हमसे कुछ कहते बना , न उसी से कुछ कहा गया..

शरमाया सा – घबराया सा , वो सामने बैठे रहा,
हम लबो को हिला कर रह गए , वो इस कदर हमें हिला सा गया ,

उसे आस ये की हम कुछ कहे, हमें इंतज़ार ये की वो कुछ कहे,
वो खामोशी मैं बोलता गया, हम खामोशी को सुन ना पाए ,

होसला किया भी था की बढ़ कर हाथ थाम ले ,
हम दिल ही थामे रह गए , वो नजर यु मिला गया ,

बेताब सारी हसरते तड़प – तड़प के रह गई ,
हम मुस्कुरा के रह गए , वो मुस्कुरा कर चला गया ….

PALAK

ARMAN HAI TUM SE ….!

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    Mujhe Chanda Kaho , Jaan Kaho Mujhe Apne Dil Ka Mehmaan Kaho Mujhe Dekho Her Lamha Yunhi Mujhe Tum Apni Pehchaan Kaho Mai Puri Karoo Tumhari Her Khawahish Mujhe Tum Apna Maan Kaho   Her Haal Mai Tum Mujh Ko Hi Socho Mujh Se Dil Ka Her Armaan Kaho Her Lamha Tum Ko Hi Chahoon Mai Mujhe Pyaar Ki Tum Apni Shaan Kaho   Mere Dil Ki Dharti Tumhari Hi Hai Us ko Zameen Kaho, Aasman Kaho Her Azooo Ko Meri Zuban Keh lo Tumhari Dunia Mai Khoyi Rehti Hun Mujhe dulhan tumhari dil ki anjan Keh lo  Rakhoon Door Her Shaher Ko Tum se Mujhe Dost Kaho, Negebaan Keh lo inayat Pyaar Ki Apni De Do chahay pyar ki pehchan keh lo…  पलक    

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may 4, 2007 (23:12:25) Goonjti hun dil mein to, hairaan kyun ho Main tumhare dil ki to awaaz hun, sun suno ko suno Dhadkanon ki jubaan ko.. may 5, 2007 (15:55:25) Jaan kitni khoobsurat hoti hai meri duniya Jab tum saath hote ho. Jaise shaam ko sahaara dene subah laut aati hai. Dur kahin aaasman ki bahoon mein Din ki chamak simat jaati hai. Umeed ki chah mein, sapno se bojhil Aankhen keh uthti hai Aaj nahin to kal waqt thahar saa jaata hai Jubaan khamosh ho jaati hai aur hamari aankhen bolti hain Pyar ki bhasha har pal…. Har Pal may 7, 2007 (18:37:09) Saanz dhal rahi hai Aasmaan ke maathe par dulhan ki bindi hai Jaise tumhari dulhan saj rahi ho may 8, 2007 (14:54:04) Bheegi palkon ke sang muskuraate hain hum Pal pal dil ko behlaate hain hum Aap is pal nahin hain to kya hua Har pal saanson mein aapko aahat paate hain hum may 10, 2007 (15:07:28) Kisi Sapne se shuru karen Kisi ek vachan se agaaz karen Koi shikayat koi gam no rah jaaye Aur hamari zindagi ki shuruat ho jaaye may 11, 2007 (19:34:25) Jis tan ko chua tune Us tan ko chupaau Jis man ko lagay naina Use kaise dikhaun Ek boond kabhi paani ki ……

काश मैं तेरे हसीं हाथ का कंगन होता तो बड़े प्यार से बड़े चाऊ से बड़े मन के साथ तुम अपनी नाज़ुक सी कलाई मैं लगाती और फ़ुसर्सद के लम्हों मैं तुम किसी सोच मैं डूबी हाथ से घुमाती मुज को मैं तेरे हाथ की खुशबू से महक सा जाता जबकभी अनजाने से चूमा करती मुझे तेरे होंठो की नजाकत से देहेक जाता मैं रात को जब भी नीदों के सफर पर जाती अनजाने से हाथ का तकिया बनाया करती मुझे मैं तेरे कानो से लग कर कई बाते कर लेता बेफिक्री से तेरी जुल्फों को तेरे गालो को चूम लेता मुज को बेताब सा रखता तेरी चाहत का नशा हर वक्त मैं तेरी रूह मैं बसा रहता ऐसे ही तेरे हाथो मैं खनकता रहता कुछ नही तो ये बेनाम सा बंधन होता काश मैं तेरे हसीं हाथों का कंगन होता .. काश ये बंधन ऐसे ही होता … પલક … palak…