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Posts by Palak P.:

The Month Of December …..!!!!!



इस दिसम्बर के महीने मैं 
ठीक एक साल पहले 
सर्दी की काली रातों मैं 
छत पर किसी कोने मैं बैठे 
एक दोस्त बनाया था मैंने 
थोडा सा नटखट 
थोडा सा पागल
मेरी जिन्दगी के कैनवास पर 
इन्द्रधनुष सा 
उतरा था एक अलग ही रंग 
आज फिर दिसम्बर आया है 
मगर
खबर नहीं मुज को उसकी 
वो इंतज़ार कर चला गया होगा 
मैं नए धागों को सुलझाते 
उस डोर को तोड़ बैठी 
जो कभी पिछले दिसम्बर मैं 
तारो तले बाँधी थी 


Written form “Months of the year challenge season २” with some edition ..

आइना



ये आइना हैं  जो हमेशा सच बोलता है 

नकाब पोश के राज़ – ऐ – चेहरा खोलता है 
यूँ  तो चलती है दुनिया लाख चेहरे लिए 
हर शक्श यहाँ जूठ का पाठ करता है 
मिलता  है सुकून देख कर ये आइना मुझे 
यही तो मेरी चेहरा – ऐ – तस्वीर खोलता है 
शुकून है के देख कर आइना यकीं होता है 
दयार – ऐ – दुनिया  मैं कोई तो है जो फक्त सच बोलता है..

मुज को जिन्दगी का ये हिस्सा आज भी समझ नहीं आता …

मुज को जिन्दगी का ये हिस्सा समझ नहीं आता 
क्यूँ जीता है इंसान यह फल्साफा समझ नहीं आता 
कुछ तरस जाते जैन कहने को
और कुछ को कहने के मायने समज नै आते 
कुछ फटे हाल सड़कों पर घुमा करते है 
और कुछ को महलो मैं भी आराम नहीं आता…
मुज को जिन्दगी का ये हिस्सा आज भी समझ नहीं आता …

मैं और मेरी तन्हाई अक्सर ये बाते करते है ……..!!!!

आईने में चेहरा अपना देखा,
और तस्वीर तेरी नज़र आई..
ए- सितमगर आज मुझे,
तेरी बेवफाई फिर नज़र आई..
मिटा नही पाया तेरी कमी दिल से कभी,
आज मुझे अपनी यह मज़बूरी नज़र आई..
दर्द से जिंदा रहने का एहसास होता है,
ऐसे हालात में फंसी मुझे अपनी जिंदगी नज़र आई..
जिस पल तू खो गया कहीं भीड़ में,
उस पल से मुझे अपनी जिंदगी रुकी नज़र आई..
दो -चार ख़ुशी की बूंदें चाहे गिरी हो मुझ पर,
पर उसके बाद तो गम की बरसात नज़र आई….
जाने क्या बात थी तुझमें और तेरी यादों में,
आँखों ने तो रो दिया,पर होठों पर हंसी नज़र आई..!!!



મારું સ્મિત

મારી દીકરી લાગે ખુબ વ્હાલી 
નાની અમસ્તી બોલતી એ 
આમ તેમ રમતી 
લાગે જાણે એક કવિ ની સુંદર કૃતિ 
લાગે જાણે ચિત્રકાર ની એક અદભુત રચના 
દોડતા દોડતા પડી જાય ત્યારે
લાગે જાણે ફુલ ના ઢગલા સમી 
એના ખીલખીલાટ હાસ્ય ને
ખોબલો ભરી ભેગું કરું 
પછી એ જ હાસ્ય થી 
અખો દિવસ મારા ચેહરા ને ભર્યા કરું 
રેહતા રેહતા વિચાર આવી જાય બહુ 
દીકરી મોટી થઇ જશે ત્યારે….????
પલક 

फिर लौट आई जिन्दगी …!!!!

आज तुम्हारा ख़त मिला 
जिस में  तुम ने पूछा 
के अब हालत कैसे है 
मेरे दिन रात कैसे है 
क्या कहू ..
के न दिन है न अब ये रात 
पर हाँ 
इतने सालो बाद 
फिर वही आप का स्पर्श 
मुझे इस ख़त के साथ 
मिल गया 
फिर लौट आई जिन्दगी 

पलक