ज़िन्दगी

Hindi Poems

आज मीठी धूप को अंगना से , नज़र झुकाए गुजरते देखा.. अलसाये मौसम की आँखों में , बेशुमार इश्क उमडते देखा.. पीले फूलों की क्यारियों को , प्रेम गीत, गुनगुनाते सुना.. भंवरा बेचारा भर रहा आहे,

शायद वो अकेला पड़ा …. उदासी के आलम में भि… हमने ज़िन्दगी को आज , नए रंग में पसरते देखा…… Palak

Ek Sapna

Hindi Poems

dream एक सपना फिसल गया हाथों से कहके … “अलविदा” देखा था जिसे बड़े प्यार से… संजोया जिसे बड़ी चाहत से… उम्मीदों का साथी सुहाना उमंगों का था वोह सहारा अब न रहा वोह सपना न रहा वोह प्यारा अफसाना बिखर के रह गई खुशिया दिल भी दर्द से लगा तड़प ने बदल गया सारा आलम तबसे जबसे… एक सपना फिसल गया हाथों से.. कहके … “अलविदा”

Untouched

Hindi Poems

रोक दू इस जहाँ को, अगर बस चले मेरा, और रोक दू इस शाम को, कभी ना आने दू वोह सवेरा.
एक अनछुआ सा नाम …

ऐ हवा तुझे नही आजादी, और नही मेरी इजाज़त, बह जाए ना यह रूहानी खुशबू, कुछ ऐसे है उनकी आहट. थम जा ऐ समां, की आज मैं उनके साथ नही, बीते हुए लम्हों मैं जी लुंगी, बिरह का मुझे एहसास नही. तेरा आज मैं नही अगर, मुकद्दरों से यह एलान है, जहाँ-ऐ-गुमनाम तुम याद रखना, माथे पे लिखा सिर्फ़ तेरा नाम है।

पलक