28. August 2010
मिलने का मन था तो उही चले आना था बीच मै बेचारे बहाने को क्यों लाना था ?????
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क्या खूब एहसास है प्यार का मन की अँधेरी मिटटी मै पड़ा रहता है चुप चाप सा पर जब किसी सूरज काउष्म स्पर्श पाया तोह चला आता हैवो अंधेरो की मिटटी से बहार लहराता .... झूमता सफ़ेद - पाक ... खुशबूदार ------प्यार -----
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^ This Is Truth Of Life ^ —————————————– Nothing is impossible, if we have dare. when you start walking,... [[ This is a content summary only. Visit my website for full links, other content, and more! ]]
Continue reading...26. August 2010
सुना हैं की मेरी किताबे आज कल तुम्हारे बिस्तर पर सोने लगी है और मेरा अधिक समय अब किताबघर में गुज़रने लगा है जहा मुझे होना चाहिए था वहा मेरी किताबे पहोच गई हैं और जहा किताबो की जगह हैं वो जगह मैंने ले ली है ये कैसी अदला बदली है .....
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31. August 2010
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