Ek Sapna

Hindi Poems

dream एक सपना फिसल गया हाथों से कहके … “अलविदा” देखा था जिसे बड़े प्यार से… संजोया जिसे बड़ी चाहत से… उम्मीदों का साथी सुहाना उमंगों का था वोह सहारा अब न रहा वोह सपना न रहा वोह प्यारा अफसाना बिखर के रह गई खुशिया दिल भी दर्द से लगा तड़प ने बदल गया सारा आलम तबसे जबसे… एक सपना फिसल गया हाथों से.. कहके … “अलविदा”

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