Lamhay 2015-03-27 18:44:00



पानी  फ़ेर् दो इन पत्तो पर कोइ 
ताकि धूल जाए  स्याहि 
जिन्दगी फ़िर् से लिखने 
का मन होता है 
कभी  –  कभी ….

पलक 

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